अँगना में आज फगुनवा उतर आयल | फाग / होरी लोकगीत | Vandana Pandey
अँगना में आज फगुनवा उतर आयल” एक मौलिक भोजपुरी फाग / होरी लोकगीत है, जिसमें फागुन की मस्ती, अबीर-गुलाल, टेसू के रंग, सखी-सहेलियों की हँसी और घर-आँगन...
अँगना में आज फगुनवा उतर आयल” एक मौलिक भोजपुरी फाग / होरी लोकगीत है, जिसमें फागुन की मस्ती, अबीर-गुलाल, टेसू के रंग, सखी-सहेलियों की हँसी और घर-आँगन...
आजु सजल बन्नी के अँगना” एक मौलिक भोजपुरी बन्ना-बन्नी विवाह गीत है, जिसमें मेहँदी, सखी-सहेलियाँ, माँ-बाबा का आशीर्वाद, विवाह की खुशी और बेटी के नए ज...
बन्ना तुम तो चले कॉलेज रे” एक चुलबुला पारंपरिक बन्ना-बन्नी विवाह गीत है, जिसमें दूल्हा-दुल्हन के बीच हँसी-मजाक, छेड़छाड़ और पारिवारिक अपनापन झलकता ...
घिरि आई बदरिया सावन की” एक मौलिक भोजपुरी कजरी लोकगीत है, जिसमें सावन ऋतु, मेघ, विरह, प्रेम और पिया की प्रतीक्षा का भाव व्यक्त होता है। यह गीत उत्तर...
काली कोयलिया” उत्तर भारत की पारंपरिक सोहर परंपरा से जुड़ा मंगलगीत है। नवजात शिशु के जन्म की खुशी, परिवार के आशीर्वाद और घर-आँगन के उत्सव को यह गीत ...
जुग जुग जियसु ललनवा” उत्तर भारत की पारंपरिक सोहर परंपरा से जुड़ा एक मंगलगीत है, जिसे नवजात शिशु के जन्म की खुशी, आशीर्वाद और पारिवारिक उल्लास के अव...
वंदना लोकस्वर के पहले एपिसोड “माटी की अनकही कहानियाँ” में वंदना पाण्डेय उत्तर भारत की लोकगीत परंपराओं की दुनिया से आपका परिचय कराती हैं। सोहर, कजरी...