अध्यापिका
15 साल की रश्मि अचानक हँसना-गाना छोड़कर अपने कमरे के अँधेरे में खोने लगती है। बात-बात पर गुस्सा, रोना और पढ़ाई में पिछड़ना—क्या यह सिर्फ़ टीनएज 'आइ...
15 साल की रश्मि अचानक हँसना-गाना छोड़कर अपने कमरे के अँधेरे में खोने लगती है। बात-बात पर गुस्सा, रोना और पढ़ाई में पिछड़ना—क्या यह सिर्फ़ टीनएज 'आइ...
विदेश की नागरिकता, बच्चों की ज़रूरतें और बेगाने देश में अकेली पड़ती एक भारतीय माँ...
शशि महाजन की लिखी यह भावुक कहानी 'नई जैकेट, पुराने जूते'...
इस पॉडकास्ट में आप महसूस करेंगे:
निस्वार्थ सेवा और पारिवारिक मूल्यों की खूबसूरती।
अमेरिका में बसी बेटी का अपने माता-पिता के प्रति अपरा...
दबी दबी आहें' यह संदेश देती है कि माता-पिता के घाव अगर समय रहते न भरें, तो वे बच्चों के सुंदर भविष्य को भी लील जाते हैं। सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की...
इस एपिसोड में आप सुनेंगे:
रिश्तों के बदलते रंग: लिविंग-इन रिलेशनशिप की शुरुआती कशमकश और रोजमर्रा के झगड़े।
मानसिक तनाव के लक्षण: डिप्रे...
रिश्तों की नींव हमारे माँ-बाप बचपन में ही रख देते हैं, बड़े होकर वे सिर्फ़ आकार लेते हैं।" लेखिका शशि महाजन की कहानी 'रिश्ते' माता-पिता के पालन-पोष...
इस एपिसोड में आप सुनेंगे:
कैसे एक 'मिस जबलपुर' रही खूबसूरत लड़की की जिंदगी चारदीवारी में सिमट गई।
रईस परिवारों के पीछे छिपी कड़वी सच्चा...
भागती-दौड़ती ज़िंदगी, काम का तनाव और बिखरते रिश्ते। मनीषा और सिद्धांत की कहानी आज के हज़ारों जोड़ों की कहानी है। जहाँ समस्या शारीरिक दिखती है, पर ...
सैट (SAT) की परीक्षा देने के बाद, कर्ण अपने पुश्तैनी गाँव आता है जहाँ उसकी मुलाक़ात अपने दादाजी से होती है। दादाजी, जो कभी विश्वविद्यालय में भौतिक...
बीस साल का लंबा इंतज़ार, सात समंदर पार की नौकरियां और अमेरिकन स्कूल के सपने—जब हकीकत बने, तो साथ रहने का सुकून कहीं...