रामचंद् झल्ला
क्या कोई इंसान वाकई 'झल्ला' होता है, या हम उसकी सादगी और त्याग को समझ नहीं पाते?
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे शशि महाजन की मर्मस्पर...
क्या कोई इंसान वाकई 'झल्ला' होता है, या हम उसकी सादगी और त्याग को समझ नहीं पाते?
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे शशि महाजन की मर्मस्पर...
एक बेटा, जो अपने सौतेले पिता को 'अंकल' कहने में भी कतराता था, कैसे उन्हीं को अपनी सबसे बड़ी ताकत मान बैठा? यह कहानी है एक ऐसे लड़के की, जो माँ के ...
एक ऐसी जगह जहाँ मन की हज़ारों अनकही बातें आवाज़ पाती हैं। अपनी ज़िंदगी की किताब के पन्नों को पलटते हुए, आइए बात करें उस तपिश की जो हमारे भीतर है, और उ...
वह शहर का लड़का
क्या हम जी रहे हैं या बस एक मशीन का पुर्जा बनकर रह गए हैं? शशि महाजन की यह कविता 'वह शहर का लड़क...