कृष्णवाणी: गीता के 18 योग
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कृष्णवाणी: गीता के 18 योग

भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश, आधुनिक जीवन की भाषा में।


श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का अनंत मार्गदर्शन है। इस पॉडकास्ट में हम गीता के 18 योगों की गहराई को सरल और आधुनिक भाषा में प्रस्तुत करेंगे। हर एपिसोड में आप पाएँगे—

  • जीवन की चुनौतियों को संतुलित ढंग से कैसे सामना करें।
  • कर्म, भक्ति और ज्ञान योग का वास्तविक अर्थ।
  • ध्यान, आत्म-नियंत्रण और आत्म-साक्षात्कार के मार्ग।
  • गीता के श्लोकों को आज के कार्यस्थल, परिवार और समाज में कैसे लागू करें।

यह श्रवण यात्रा न केवल आध्यात्मिक चिंतन कराएगी, बल्कि आपके भीतर शांति, आत्मविश्वास और जीवन की स्पष्टता भी जगाएगी।

आइए, सुनें भगवान श्रीकृष्ण की अमर वाणी

और खोजें आधुनिक जीवन में मोक्ष और आनंद का मार्ग।

क्या कर्म छोड़ना नहीं, आसक्ति छोड़ना ही सच्चा त्याग है? | गीता का कर्मयोग

क्या कर्म करते हुए भी मनुष्य कर्मबंधन से मुक्त रह सकता है? क्या कर्मों का त्याग आवश्यक है, या केवल कर्मफल की आसक्ति का त्याग ही मुक्ति का व...

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कर्मयोग या कर्मसंन्यास--मोक्ष का श्रेष्ठ मार्ग कौन-सा है?

क्या मोक्ष प्राप्त करने के लिए संसार का त्याग करना आवश्यक है? क्या कर्म करते हुए भी मनुष्य संन्यासी बन सकता है? और कर्मयोग तथा कर्मसंन्यास ...

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क्या कर्म का त्याग आवश्यक है, या कर्मफल का? | कर्मसंन्यासयोग का रहस्य

क्या मोक्ष प्राप्त करने के लिए संसार का त्याग करना आवश्यक है, या निष्काम कर्म ही उसका वास्तविक मार्ग है? श्रीमद्भगवद्गीता के

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क्या केवल कर्म से मोक्ष संभव है? | कर्म, ज्ञान और भक्ति का समन्वय | श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य संदेश

क्या केवल कर्म करते रहना ही जीवन की सफलता का मार्ग है? क्या आत्मज्ञान के बिना कर्म मनुष्य को मोक्ष तक पहुँचा सकता है? और क्या निष्...

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क्या कर्म और ज्ञान का संतुलन ही जीवन की सच्ची सफलता का रहस्य है? | ज्ञानविभागयोग की दिव्य शिक्षा

क्या केवल कर्म करते रहना पर्याप्त है, या जीवन को सही दिशा देने के लिए ज्ञान भी आवश्यक है? क्या सफलता और असफलता के बीच संतुलन बनाए रखना संभव है? और ...

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