बोपुल बागची - खामोशी का शोर....
कुछ लोग डर फैलाते हैं। कुछ लोग डर बेचते हैं। और कुछ…डर को सुनते हैं।”
“और जो डर सुनने लगे…उसे रोकना पड़ता है।”
कुछ लोग डर फैलाते हैं। कुछ लोग डर बेचते हैं। और कुछ…डर को सुनते हैं।”
“और जो डर सुनने लगे…उसे रोकना पड़ता है।”
"कुछ लोग सच ढूंढते हैं, कुछ लोग झूठ से लड़ते हैं.