धूममार्ग और अरचिआदि मार्ग से जाने वालो की गति का और भक्ति योग की उत्कृष्टता का वर्णन
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इस अध्याय में कपिल देव जी ने माता देवहुति को धूम्मार्ग (पितृयान) और अर्चिमार्ग (देवयान) से जाने वाले जीव की गति का और उच्च कोटि के भक्ति योग का वर्णन किया है।
Kathaamrit
Religion & Spirituality
धूममार्ग और अरचिआदि मार्ग से जाने वालो की गति का और भक्ति योग की उत्कृष्टता का वर्णन
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इस अध्याय में कपिल देव जी ने माता देवहुति को धूम्मार्ग (पितृयान) और अर्चिमार्ग (देवयान) से जाने वाले जीव की गति का और उच्च कोटि के भक्ति योग का वर्णन किया है।