SHRIMAD BHAGWAT ADHYAY-12 OF SKANDH-4
Religion & Spirituality
ध्रुवजी को कुबेर का वरदान और विष्णुलोक की प्राप्ति
...............................
दादा स्वायम्भुवमनु के समझने के बाद ध्रुवजी ने युद्ध बंद कर दिया। इसके बाद कुबेरजी उनसे मिलने आए और उन्हें वरदान दिया। फिर ध्रुवजी ने विष्णुलोक की यात्रा कैसे की इसका वर्णन इस अध्याय में है।दा स्वायम्भुवमनु के समझने के बाद ध्रुवजी ने युद्ध बंद कर दिया। इसके बाद कुबेरजी उनसे मिलने आए और उन्हें वरदान दिया। फिर ध्रुवजी ने विष्णुलोक की यात्रा कैसे की इसका वर्णन इस अध्याय में है।

