Shivaji ki mrityu
Society & Culture
बात है सन 1680 की, जब तेज़ ज्वर के कारण शिवाजी महाराज के शरीर में भयंकर पीड़ा हो रही थी। वैद्यराज की औषधियां भी विफल होती साबित हो रही थी। वैद्यराज के द्वारा सभी तरीके अपना लिए गए, किन्तु कोई भी उपचार शिवाजी महाराज के अनुरूप नहीं था। एक तरफ शिवजी की बिगड़ती तबियत और दूसरी तरफ क़िले में बढ़ते षड़यंत्र आखिर क्या होने वाला था, जानते है इस एपिसोड

