Society & Culture
स्कूल के ट्रस्ट्री सुभान साहब ने सकीना को एक मेल भेजा ,मेल पढ़ कर सकीना यक -ब -यक पत्थर सी हो गयी ,उसने आँखें बंद कर लीं, गुज़िश्ता यादों के हुज़ूम ने उसे घेर लिया , कौन थी सकीना ,क्या था उस मेल में कि सब कुछ फिल्म की मानिंद उसकीआँखों के सामने से गुज़रने लगा था........

