Society & Culture
क्या कोई इंसान वाकई 'झल्ला' होता है, या हम उसकी सादगी और त्याग को समझ नहीं पाते?
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे शशि महाजन की मर्मस्पर्शी कहानी 'रामचंद झल्ला'। यह कहानी है अतुल नाम के एक लड़के की, जो बचपन से रामचंद को सड़कों पर गाते-बजाते और बच्चों के साथ खेलते देखता आया है। रामचंद का वह जादुई झोला, जिसमें से कभी नारियल, कभी घेवर, तो कभी पेंसिलें निकलती थीं, अतुल के लिए हमेशा एक रहस्य रहा।
लेकिन जैसे-जैसे अतुल बड़ा होता है, उसे रामचंद के उस झोले के पीछे छिपा एक गहरा दर्द और एक बहुत बड़ा दर्शन समझ आता है। वह रामचंद, जिसे दुनिया पागल समझती है, असल में एक उच्च शिक्षित संगीत और गणित प्रेमी युवक था, जिसका अतीत एक गहरे अपराधबोध और वियोग से भरा हुआ है।

