Society & Culture
इस कहानी में मुख्य पात्र कच और देवयानी हैं。कच देवगुरु बृहस्पति का पुत्र है जो अमरता का रहस्य सीखने के लिए शुक्राचार्य के आश्रम में शिक्षा प्राप्त करने जाता है。वहां शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी कच से प्रेम करने लगती है。दूसरी ओर, असुरों और देवताओं के युद्ध में असुर बार-बार कच को मार देते हैं और देवयानी के आग्रह पर शुक्राचार्य उसे बार-बार जीवित करते हैं

