नीलकंठ: जिसने विष को थाम लिया | Neelkanth | Ep 1
Religion & Spirituality
अमृत से पहले, क्षीरसागर से एक भयानक विष निकला।
शिव गाथा पॉडकास्ट के पहले एपिसोड में, समुद्र मंथन की कथा, और वह क्षण जब भगवान शिव ने हलाहल विष को अपने कंठ में धारण किया और नीलकंठ कहलाए। फिर हम समझते हैं, कि कड़वाहट को आगे बढ़ाए बिना थामने का क्या अर्थ है।
कथा। सीख। चिंतन।
इस एपिसोड का मंत्र
संस्कृत: ॐ नमो नीलकण्ठाय
उच्चारण: Om Namo Nīlakaṇṭhāya
अर्थ: ॐ, मैं नीले कंठ वाले को नमन करता हूँ।
स्रोत: भागवत पुराण (स्कंध 8), विष्णु पुराण, महाभारत (आदि पर्व), शिव पुराण। ग्रंथों में जहाँ अंतर है, एपिसोड में बताया गया है।
बच्चों के लिए यही कथा हमारी चित्र-कथा पुस्तक "Neelkanth: The Blue Throat" में भी है।
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हर सोमवार नया एपिसोड।
AI आवाज़ में प्रस्तुत। श्रद्धा से लिखा गया।

