जब जीवन में बच्चे बड़े होकर अपनी राह चुन लेते हैं, तो अक्सर माता-पिता के पीछे एक अजीब-सा खालीपन छूट जाता है। बीस साल की शादी और ढेरों जिम्मेदारियों के बाद जब घर में सिर्फ दो लोग रह जाते हैं, तो चुप्पी भी भारी लगने लगती है।
KUCH BAATEIN
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जब जीवन में बच्चे बड़े होकर अपनी राह चुन लेते हैं, तो अक्सर माता-पिता के पीछे एक अजीब-सा खालीपन छूट जाता है। बीस साल की शादी और ढेरों जिम्मेदारियों के बाद जब घर में सिर्फ दो लोग रह जाते हैं, तो चुप्पी भी भारी लगने लगती है।