Society & Culture
विदेश की नागरिकता, बच्चों की ज़रूरतें और बेगाने देश में अकेली पड़ती एक भारतीय माँ...
शशि महाजन की लिखी यह भावुक कहानी 'नई जैकेट, पुराने जूते' दो पीढ़ियों की सोच के अंतर और अपनों की ख़ातिर खुद को बदलने की एक माँ की ख़ामोश कोशिश को दर्शाती है।
क्या नई जैकेट और पुराने जूते पहनकर माँ उस ठंडे शहर में अपनेपन की गर्माहट ढूंढ पाएगी? सुनिए यह दिल को छू लेने वाली कहानी।

