महाभारत युद्ध का सत्रहवाँ दिन (द्रोपदी पुत्रों का वध )
Religion & Spirituality
युद्ध का सत्रहवाँ दिन पाँडव सेना का लिए सबसे ज्यादा विध्वंसक रहा , अश्वतहामा ने रात के अंधेरे मे अपने पिता का बदला लेने के लिए सोते हुए पांडव व शिविर मे सेनिकों पर आक्रमण कर दिया , भगवान कृष्ण ने पांडव का स्थान परिवर्तित कर दिया था जिससे वो बच गए लेकिन द्रोपदी पुत्र मारे गए !दर्योधन ने अपने प्राण त्याग दिए !अश्वतहामा की खोज मे पांडव निकल पड़े !भगवान कृष्ण ने अर्जुन को युद्ध का सार उपदेशीत किया

