Jeevan Ek Rangmanch
Arts
Here is Episode number 10
जीवन एक रंगमंच
Few lines of this Poetry
पन्ने दर पन्ने रोज लिखा, कभी दर्द लिखा कभी प्रेम लिखा
कभी लहर लहर सी हूक उठी, कभी नदिया जैसे प्रेम बहा
इस दर्द प्रेम के सागर में जब ह्रदय नहाता है आंसू बन आता है।

