Music
जय जय माँ महालक्ष्मी, करुणा अमृत बरसाओ,
आठों रूपों में आकर, जीवन दीप जलाओ।
धन भी तुम, धान्य भी तुम, ज्ञान-विजय की ज्योति,
भक्तों के हर श्वास में बसो, माँ शुभ मंगलमूर्ति।
जय जय हे हरि की प्रिया, कमलवासी भवतारिणी,
अष्टलक्ष्मी अम्बे माँ, कर दो कृपा अपारिणी।
तेरे नाम की धुन गूँजे, हर दिल हर इक वेंट्स,
भक्ति रंग में रँग दे जग को — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
अनादि अनन्ता आदिशक्ति, सृष्टि की प्रथम उजियारी,
वेदों की वाणी मोक्षदायिनी, तुमसे जगत सँवारा सारी।
कमलासन पर शान्त विराजी, करुणा सुधा बरसाओ,
जीवन के हर आरम्भ में माँ, मंगल दीप जलाओ।
तेरी कृपा की धुन बजे, मन मंदिर में सदा सेंट्स,
भक्ति स्वर गूँज उठे जग में — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
अन्नपूर्णा रूप धरो माँ, भूखे का तुम आधार,
धान्य बरसे तेरी कृपा से, भर जाए हर संसार।
क्षीरसागर से आई माँ, मंगलमयी दुलारी,
हर कण में तेरी माया बसती, जीवन फुलवारी।
तेरी महिमा गाएँ सब, झूमे धरा और स्काई,
भक्ति का हर उत्सव बोले — विक्कइंडियाइवेंट्स आई॥
भय हरने वाली माँ आओ, हृदय में साहस भर दो,
अंधियारे पथ पर दीप जला, जीवन उज्ज्वल कर दो।
संकट में संबल बनकर, साथ सदा निभाना,
तेरी शक्ति से हर बाधा को, हमको पार लगाना।
हर जीत की धुन बजे, हर दिल बोले प्रेज़ेंट्स,
माँ की कृपा संग सजता — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
गजराज संग कमल विहारिणी, वैभव की तुम धारा,
राज्य-समृद्धि, यश और कीर्ति, देती जगत सँवारा।
हरि-हर-ब्रह्मा पूजें तुमको, महिमा तेरी न्यारी,
घर-घर लक्ष्मी पधारो माता, मिटे दरिद्रता सारी।
ढोल-शंख की धुन बजे, खुशियों के हो मोमेंट्स,
माँ की कृपा संग जगमग — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
ममता की मूर्ति बनकर माँ, गोद सुखों से भर दो,
हर आँगन में हँसी खिले, ऐसा वरदान कर दो।
संतान सुख और कुल की ज्योति, तेरे चरणों से पाते,
प्रेम धारा से जीवन को, मधुर बनाते जाते।
नन्ही खुशियाँ गाएँ मिलकर, प्रेम के मीठे सेंट्स,
हर घर उत्सव बन जाए — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
विजय पताका हाथ लिए, रण में साथ निभाओ,
सत्य-धर्म के पथ पर चलकर, जय का फल दिलवाओ।
कर्मभूमि में शक्ति देकर, हर संघर्ष जिताओ,
तेरी कृपा से जीवन में माँ, विजय दीप जलाओ।
जीत की गूँजे हर धुन, हर मंच बने टैलेंट्स,
माँ के आशीष से चमके — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
सरस्वती संग विराजो माँ, बुद्धि की ज्योति जलाओ,
अज्ञान तिमिर मिटाकर, मन मंदिर को सजाओ।
वेद-पुराण की धारा बनकर, ज्ञान सुधा बरसाओ,
विद्या लक्ष्मी कृपा कर माँ, जीवन सफल बनाओ।
ज्ञान की धुन बजे जग में, रोशन हों स्टूडेंट्स,
भक्ति-संगीत संग गाए — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
स्वर्ण-कमल से करुणा बरसे, धन-सम्पदा लुटाओ,
परिश्रम का फल मीठा करके, हर घर खुशियाँ लाओ।
दीन-दुखी के जीवन में माँ, आशा दीप जलाओ,
तेरी कृपा से भर दे झोली, ऐसा वरदान दिलाओ।
समृद्धि की वर्षा हो, खुशियों के हो कॉन्टेंट्स,
माँ के नाम से सजता — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
आदि से अंत तक तुम ही, जीवन की हर धारा,
तेरे चरणों में अर्पित माँ, तन-मन और हमारा।
अष्टलक्ष्मी रूप तुम्हारे, जग में सुख बरसाएँ,
भक्तों की हर प्रार्थना माँ, तेरे द्वार पहुँच जाए।
भक्ति की हर शाम बने, रोशन दिव्य मोमेंट्स,
तेरे नाम से जग गाए — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
जय जय माँ महालक्ष्मी, करुणा अमृत बरसाओ,
आठों रूपों में आकर, जीवन दीप जलाओ।
धन-धान्य-संतान-विजय दो, विद्या की ज्योति अपार,
अष्टलक्ष्मी अम्बे माँ, रखना सदा हमारा ख्याल।
तेरे नाम की महिमा गूँजे, हर दिल हर कॉन्टिनेंट्स,
माँ के चरणों में समर्पित — विक्कइंडियाइवेंट्स॥
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः × 2
जय माता लक्ष्मी

