हवेलीApril 7, 2025Fictionवृंदा जिस समय हवेली पहुँची वो दिन और रात के मिलन का काल था। उजाले और अंधेरे ने मिलकर हर एक वस्तु को धुंधलके की चादर से ढंक कर रहस्यमय बना दिया था।