Episode 1 पीपल का चबूतरा, हुक्के की गुड़गुड़ और वहम की रात
Society & Culture
Worked for 6s
अध्याय 1 — पीपल का चबूतरा, हुक्के की गुड़गुड़ और वहम की रात
चैत की आखिरी शाम… गाँव के पुराने पीपल के नीचे बैठे बुजुर्गों के बीच उस रात फिर एक अनहोनी की चर्चा छिड़ जाती है। गाँव में फैली अजीब दहशत को सुनकर मोनू के मन में डर से ज्यादा जिज्ञासा जागती है। उसे बचपन से ही भूत-प्रेत और रहस्यमयी शक्तियों को देखने की चाह थी। आखिर वह अपने दोस्तों के साथ उस सुनसान जगह की ओर निकल पड़ता है, जहाँ रात होते ही कोई जाने की हिम्मत नहीं करता। अलाव की रोशनी, सूना खेत और चारों तरफ पसरा अंधेरा… सब कुछ सामान्य लगता है। लेकिन तभी अंधेरे में एक ऐसी परछाईं दिखाई देती है, जो मोनू की जिंदगी में आने वाले एक बड़े रहस्य की पहली आहट बन जाती है।
अध्याय 1 — पीपल का चबूतरा, हुक्के की गुड़गुड़ और वहम की रात
चैत की आखिरी शाम… गाँव के पुराने पीपल के नीचे बैठे बुजुर्गों के बीच उस रात फिर एक अनहोनी की चर्चा छिड़ जाती है। गाँव में फैली अजीब दहशत को सुनकर मोनू के मन में डर से ज्यादा जिज्ञासा जागती है। उसे बचपन से ही भूत-प्रेत और रहस्यमयी शक्तियों को देखने की चाह थी। आखिर वह अपने दोस्तों के साथ उस सुनसान जगह की ओर निकल पड़ता है, जहाँ रात होते ही कोई जाने की हिम्मत नहीं करता। अलाव की रोशनी, सूना खेत और चारों तरफ पसरा अंधेरा… सब कुछ सामान्य लगता है। लेकिन तभी अंधेरे में एक ऐसी परछाईं दिखाई देती है, जो मोनू की जिंदगी में आने वाले एक बड़े रहस्य की पहली आहट बन जाती है।

