दो बैलों की कथा

Share:

Hindi story

दो बैलों की कथा

Arts


कभी सोचा है ?गधा  बेवकूफ क्यों है?छोड़ो बैल क्यों बोलै किसी को ?नहीं न! प्रेमचंद जी ने बताया है ,सुनो सचाई साथ में उनकी मन की बात भी |वेदना और पीरा जो एक मूक प्राणी सोचता है