दबी दबीं आहें

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KUCH BAATEIN

Society & Culture


दबी दबी आहें' यह संदेश देती है कि माता-पिता के घाव अगर समय रहते न भरें, तो वे बच्चों के सुंदर भविष्य को भी लील जाते हैं। सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की सीख जब अति-असुरक्षा और पुरुषों के प्रति अविश्वास में बदल जाती है, तो परिणाम स्वरूप करिश्मा जैसी मेधावी लड़कियां भी अपने बने-बनाए संसार को उजाड़ बैठती हैं। रिश्तों की इस उलझी हुई कड़वी हकीकत को यहां बयां किया है।