Class 9,Path- Dukh Ka Adhikar
Education
Cयशपाल का जन्म पिफरोज़्ापुर छावनी में सन् 1903 में हुआ। इन्होंने आरंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में और उच्च शिक्षा लाहौर में पाई। प्रस्तुत कहानी देश में फैले अंधविश्वासों और उँफच-नीच वेफ भेद-भाव को बेनकाब करते हुए यह बताती है कि दुःख की अनुभूति सभी को समान रूप से होती है। कहानी धनी लोगों की अमानवीयता और गरीबों की मजबूरी को भी पूरी गहराई से उजागर करती है। यह सही है कि दुःख सभी को तोड़ता है, दुःख में मातम मनाना हर कोई चाहता है, दुःख के क्षण से सामना होने पर सब अवश हो जाते हैं, पर इस देश में ऐसे भी अभागे लोग हैं जिन्हें न तो दुःख मनाने का अधिकार है, न अवकाश!eck out my latest episode!

