Buransh Ke Phool | बुरांश के फूल
Society & Culture
हिमालय की बर्फ़ीली चादरों के बीच, जहाँ सन्नाटा भी सफ़ेद लिबास ओढ़े रहता है, वहाँ 'बुरांश' के फूल महज़ खिलते नहीं, बल्कि एक ज़ोरदार एहतिजाज़ (विरोध) करते हैं। यह सुर्ख़ रंग उस रूह की गवाही है जो ख़ामोश पहाड़ियों पर बग़ावत की दास्तान लिखती है।
Written and Narrated by: Janamejai

