भाषा विवाद -Facts vs Emotion: भारत की भाषा
Society & Culture
भारत की सभी भाषायें बहुत समृद्ध और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजे हुए होती हैं फिर भी अगर लॉजिक, डेटा और व्यावहारिकता के चश्मे से देखा जाए, तो यह एक अकाट्य सत्य है कि भारतीय भाषाओं में केवल हिंदी के पास ही वह बुनियादी ढांचा और विस्तार है जो पूरे देश को जोड़ने वाली भाषा (Bridge Language) बनने की क्षमता रखता है।

