Religion & Spirituality
(इंट्रो – सिनेमैटिक)
ढोल की थाप, शंख की पुकार,
गूँजे दुनिया, गूँजे हर द्वार।
बैट उठे तो किस्मत जागे,
क्रिकेट लिखे नया संसार।
(अंतरा 1)
वो पिचें ऊँची, वो भीड़ जो चहकती,
हर सुबह उम्मीदों की किरणें महकती।
सचिन का बल्ला, सपनों की पहचान,
ब्रैडमैन की गाथा, अमर महान।
गांगुली की दहाड़, कोलकाता की शान,
ईडन गार्डन्स गाए भारत की पहचान।
लॉर्ड्स से लेकर मेलबर्न का आसमान,
हर मैदान बोले – क्रिकेट है सम्मान।
(प्री-कोरस)
वानखेड़े की लहरें, नरेंद्र मोदी का मान,
द ओवल, न्यूलैंड्स, सिडनी की उड़ान।
हर पिच कहे – खेलो दिल से यार,
यही है क्रिकेट का सच्चा संसार।
(कोरस)
गूँजे... गूँजे... क्रिकेट का कारवाँ,
हर दिल बोले – भारत की शान।
चौका बजे जैसे ढोल-नगाड़ा,
छक्का उड़े जैसे सपनों का सितारा।
ओ... ओ... जीत का ये अरमान,
मैदान बने दुनिया की पहचान।
हर रन में उम्मीदों का रंग,
क्रिकेट गाए जीवन का संग।
(अंतरा 2)
धोनी की मुस्कान, आख़िरी ओवर की बात,
छक्का लगा तो जगमग हुई रात।
विश्व कप उठे तो झूमे जहान,
हर बच्चे की आँखों में नया अरमान।
गद्दाफी, प्रेमदासा, वांडरर्स पुकारें,
ग्रैंड प्रेयरी से नई उम्मीदें सँवारें।
मेलबर्न, लॉर्ड्स, ईडन का नाम,
हर सीमा के पार क्रिकेट का धाम।
(ब्रिज)
गेंद जब बोले, बल्ला मुस्काए,
हर रिकॉर्ड नई कहानी सुनाए।
भीड़ की तालियाँ, दिलों की धड़कन,
यही तो है खेल की असली धुन।
(फाइनल क्लाइमेक्स)
हर चौका बन जाए त्योहार,
हर छक्का चमके बनकर सितार।
धरती से अम्बर तक गूँजे ये गान,
क्रिकेट जोड़े सारा जहान।
ईडन, लॉर्ड्स, मेलबर्न पुकारें,
वानखेड़े सपनों के दीप सँवारे।
विश्व के मैदान, एक ही पहचान—
क्रिकेट... क्रिकेट... क्रिकेट महान!
(आउट्रो)
जब तक सूरज, जब तक आसमान,
गूँजेगा क्रिकेट का ये गान।
दिल से खेलो, दिल से जीतो,
यही है दुनिया की सच्ची पहचान।

