Religion & Spirituality
कृष्णवाणी पॉडकास्ट की इस विशेष चर्चा में हम प्रस्तुत कर रहे हैं—
अध्याय 8: आत्म तत्व और परमात्म तत्व,
जो श्रीमद्भगवद्गीता के दूसरे अध्याय पर आधारित एक गहन आध्यात्मिक विवेचन है।
इस एपिसोड में हम तीन मूलभूत प्रश्नों पर विचार करते हैं—
आत्मा क्या है और क्यों वह अमर है?
आत्मा और परमात्मा के बीच क्या वास्तव में कोई भेद है?
और आत्मा का अंतिम लक्ष्य क्या है—मोक्ष कैसे प्राप्त होता है?
भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को बताते हैं कि आत्मा अजन्मा, नित्य और अविनाशी है,
शरीर केवल एक अस्थायी आवरण है।
अद्वैत दर्शन के अनुसार, आत्मा और परमात्मा एक ही तत्त्व हैं—
भेद केवल अज्ञान का है।
इस चर्चा में गीता के महत्वपूर्ण श्लोकों—
2.20 (आत्मा की अमरता) और
2.47 (निष्काम कर्म)
की व्याख्या के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि
निष्काम कर्म, आत्मज्ञान और भक्ति
ही मोक्ष प्राप्ति का शाश्वत मार्ग है।
यह एपिसोड उन सभी श्रोताओं के लिए है
जो जीवन के सत्य, आत्मबोध और आध्यात्मिक मुक्ति की खोज में हैं।
जय श्रीकृष्ण।
हरि ॐ तत्सत्।
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