असंगठित vs संगठित Religion/ आस्था का इतिहास।
Society & Culture
संगठित, कठोर और विस्तारवादी आस्थाओं से बचने के लिए हर असंगठित खुले विचार वाली और लचीली प्रवृति की आस्थाओं को संगठित होना ही पड़ता है अपने अस्तित्व को बचाने के लिए वरना वो सदा के लिए मिटा दी जाती हैं।

