अपनी कीमत पहचानो | पिताजी की एक सीख, जिसने मेरी ज़िंदगी बदल दी
Education
अपनी कीमत पहचानो | पिताजी की एक सीख, जिसने मेरी ज़िंदगी बदल दी
कभी-कभी माता-पिता की एक छोटी-सी डाँट जिंदगी का बहुत बड़ा सबक दे जाती है।
एक समय मैं अपने पिताजी के साथ स्कूल जाया करता था। एक दिन मैं मोटरसाइकिल बहुत तेज़ चला रहा था। पिताजी ने मुझे थप्पड़ मारा और गाड़ी की रफ्तार धीमी हो गई।
लेकिन उसके बाद उन्होंने जो बात समझाई, वह आज भी मेरे दिल में है—
“मोटरसाइकिल दो नहीं, चार भी खरीद सकते हो… लेकिन तुम्हारा एक अंग अगर टूट गया, तो उसे दोबारा जोड़ना आसान नहीं है। इसलिए पहले अपनी कीमत पहचानो।”
उस दिन समझ आया कि हमारी जिंदगी और हमारा शरीर किसी भी चीज़ से कहीं ज्यादा कीमती है।
गाड़ी की रफ्तार कम करना जरूरी नहीं था,
अपनी जिंदगी की कीमत समझना जरूरी था।
️ अपनी कीमत पहचानिए। खुद की जिंदगी की कद्र कीजिए।
Sanju K. Banerjee
ज़िंदगी • संघर्ष • अनुभव • सच
कभी-कभी माता-पिता की एक छोटी-सी डाँट जिंदगी का बहुत बड़ा सबक दे जाती है।
एक समय मैं अपने पिताजी के साथ स्कूल जाया करता था। एक दिन मैं मोटरसाइकिल बहुत तेज़ चला रहा था। पिताजी ने मुझे थप्पड़ मारा और गाड़ी की रफ्तार धीमी हो गई।
लेकिन उसके बाद उन्होंने जो बात समझाई, वह आज भी मेरे दिल में है—
“मोटरसाइकिल दो नहीं, चार भी खरीद सकते हो… लेकिन तुम्हारा एक अंग अगर टूट गया, तो उसे दोबारा जोड़ना आसान नहीं है। इसलिए पहले अपनी कीमत पहचानो।”
उस दिन समझ आया कि हमारी जिंदगी और हमारा शरीर किसी भी चीज़ से कहीं ज्यादा कीमती है।
गाड़ी की रफ्तार कम करना जरूरी नहीं था,
अपनी जिंदगी की कीमत समझना जरूरी था।
️ अपनी कीमत पहचानिए। खुद की जिंदगी की कद्र कीजिए।
Sanju K. Banerjee
ज़िंदगी • संघर्ष • अनुभव • सच

