अमर शहीद वीर बाला कालीबाई

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Unveiling Legends: The Hidden Gems Of Tribal Tales

अमर शहीद वीर बाला कालीबाई

Society & Culture


डूंगरपुर की भील बालिका काली बाई ने गुरुजी को बचाने दे दिए थे प्राण

पुलिस गुरुजी सेंगाभाई को घसीटकर ले जाने लगी तो कालीबाई ने दौड़कर रस्सी काटकर अपने गुरुजी को बचाया ही नहीं बल्कि हंसिया लेकर पुलिस को ललकारा।

ऐतिहासिक पटल पर गांव रास्तापाल, जिला डूंगरपुर, राजस्थान की पहचान अमर शहीद वीर बाला कालीबाई के नाम से की जाती है। आदिवासी समुदाय भील के सोमा भाई के घर में वीर काली बाई का जन्म जून 1935 में माता नवली की कोख से हुआ। मात्र 12 वर्ष की उम्र में इस क्रांतिकारी बाला ने 19 जून 1947 को जागीरदारों व अंग्रेजों के शोषण के विरूद्ध बहादुरी की एक जोरदार मिसाल कायम कर आदिवासी समाज में शिक्षा की अलख जगाई