Amar Satyajit ray's motivational with giftyclubs
Music
"सत्यजित की अमर सिनेमाई गाथा"
(मुखड़ा)
रजत परदे पर दीप जले,
सपनों का संसार खिले।
भारत रत्न की अमर कहानी,
हर दिल में फिर प्यार खिले॥
(अंतरा 1)
पाथेर पांचाली की पगडंडी,
जीवन का संगीत बनी।
माटी की खुशबू, माँ की ममता,
दुनिया भर की प्रीत बनी॥
(अंतरा 2)
अपराजितो ने राह दिखाई,
हार नहीं, बस जीत लिखी।
संघर्षों की धूप में खिलकर,
आशा की हर रीत लिखी॥
(अंतरा 3)
चारुलता की मौन निगाहें,
मन के सारे भाव कहें।
प्रेम, विरह और स्वप्न सुनहरे,
गीत बनें, इतिहास रहें॥
(अंतरा 4)
महानगर की धड़कन सुन लो,
नारी का सम्मान यहाँ।
मेहनत, साहस, सच्ची गरिमा,
भारत की पहचान यहाँ॥
(अंतरा 5)
शतरंज के खिलाड़ी बोले,
समय कभी रुकता नहीं।
राज बदलते, युग बदलें पर,
सत्य कभी झुकता नहीं॥
(अंतरा 6)
घरे-बैरे की ज्योति जलाकर,
मानवता का मान बढ़ा।
सीमाओं से ऊपर उठकर,
प्रेम ने हर द्वार खोला॥
(अंतरा 7)
आगंतुक का संदेश अमर है,
ज्ञान सदा अनमोल रहे।
मानवता की राह पकड़कर,
विश्व सदा खुशहाल रहे॥
(समापन)
ऑस्कर की वह गौरव गाथा,
भारत रत्न का उजियारा।
सत्यजित का नाम अमर है,
सिनेमा का ध्रुव सितारा॥
(कोरस)
जय हो उस कलाकार की,
जिसने जग को दृष्टि दी।
गीत, कहानी, चित्र, करुणा—
भारत की अमिट सृष्टि दी॥

