आख़िरी हिचकिचाहट

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KUCH BAATEIN

आख़िरी हिचकिचाहट

Society & Culture


क्या किसी माँ के प्रति अत्यधिक निर्भरता इंसान को अपने निर्णय लेने में कमजोर बना देती है? 'आख़िरी हिचकिचाहट' कहानी है आदित्य और विभूति की, जहाँ विदेश से पढ़ा-लिखा सफल आदित्य अपने हर फैसले के लिए माँ पर निर्भर है। जब यह आदत उनके रिश्ते में दरार लाती है, तब एक समझदार माँ की परिपक्वता इस रिश्ते को टूटने से कैसे बचाती है? आधुनिक रिश्तों, व्यक्तिगत स्वावलंबन और पारिवारिक मूल्यों पर आधारित एक बेहद संवेदनशील कथा।


लेखिका: शशि महाजन