#5 Waqt Ki Mazaar' by Mohit Rudra Sharma

Share:

Poetry (Part-2) by FNP Media

#5 Waqt Ki Mazaar' by Mohit Rudra Sharma

Arts


कहाँ चल दिए है आप, या ठहरे हुए है, क्या आप समझ पा रहे है की आगे कौन बढ़ रहा है, आप हम या सिर्फ यह बदलता हुआ समय? कहते हैं कुछ के लिए वक़्त गुज़रता है कुछ के लिए वक़्त कटता है। कुछ सवाल है, कुछ ख़ामोशी और कुछ जवाब, इन्हे बयां करने आ रहे है Mohit Rudra Sharma.